अगली आयत क्विज़: सूरह Al-Qiyamah
سُورَةُ القِيَامَةِ
- सूरह क्रमांक
- 75
- आयतों की संख्या
- 40
- प्रकार
- मक्की
पारा 29 में स्थित।
सूरह Al-Qiyamah मुसहफ़ में सूरह क्रमांक 75 है, मक्की है और इसमें 40 आयतें हैं। इस पन्ने की क्विज़ आपको आयत-दर-आयत आगे बढ़ने का अभ्यास कराती है। नतीजे आपके डिवाइस में सहेजे जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा हिस्सा दोबारा देखना बाकी है।
शुरुआती आयतें
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لَآ أُقْسِمُ بِيَوْمِ ٱلْقِيَٰمَةِ
1. मैं रोजे क़यामत की क़सम खाता हूँ
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وَلَآ أُقْسِمُ بِٱلنَّفْسِ ٱللَّوَّامَةِ
2. (और बुराई से) मलामत करने वाले जी की क़सम खाता हूँ (कि तुम सब दोबारा) ज़रूर ज़िन्दा किए जाओगे
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أَيَحْسَبُ ٱلْإِنسَٰنُ أَلَّن نَّجْمَعَ عِظَامَهُۥ
3. क्या इन्सान ये ख्याल करता है (कि हम उसकी हड्डियों को बोसीदा होने के बाद) जमा न करेंगे हाँ (ज़रूर करेंगें)