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Sambung Ayat
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अगली आयत क्विज़: सूरह Al-Bayyinah

سُورَةُ البَيِّنَةِ

सूरह क्रमांक
98
आयतों की संख्या
8
प्रकार
मदनी

पारा 30 में स्थित।

सूरह Al-Bayyinah मुसहफ़ में सूरह क्रमांक 98 है, मदनी है और इसमें 8 आयतें हैं। इस पन्ने की क्विज़ आपको आयत-दर-आयत आगे बढ़ने का अभ्यास कराती है। नतीजे आपके डिवाइस में सहेजे जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा हिस्सा दोबारा देखना बाकी है।

शुरुआती आयतें

  1. لَمْ يَكُنِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْ أَهْلِ ٱلْكِتَٰبِ وَٱلْمُشْرِكِينَ مُنفَكِّينَ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ

    1. अहले किताब और मुशरिकों से जो लोग काफिर थे जब तक कि उनके पास खुली हुई दलीलें न पहुँचे वह (अपने कुफ्र से) बाज़ आने वाले न थे

  2. رَسُولٌۭ مِّنَ ٱللَّهِ يَتْلُوا۟ صُحُفًۭا مُّطَهَّرَةًۭ

    2. (यानि) ख़ुदा के रसूल जो पाक औराक़ पढ़ते हैं (आए और)

  3. فِيهَا كُتُبٌۭ قَيِّمَةٌۭ

    3. उनमें (जो) पुरज़ोर और दरूस्त बातें लिखी हुई हैं (सुनाये)

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