अगली आयत क्विज़: सूरह Al-Ahzab
سُورَةُ الأَحۡزَابِ
- सूरह क्रमांक
- 33
- आयतों की संख्या
- 73
- प्रकार
- मदनी
पारा 21-22 में स्थित।
सूरह Al-Ahzab मुसहफ़ में सूरह क्रमांक 33 है, मदनी है और इसमें 73 आयतें हैं। इस पन्ने की क्विज़ आपको आयत-दर-आयत आगे बढ़ने का अभ्यास कराती है। नतीजे आपके डिवाइस में सहेजे जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा हिस्सा दोबारा देखना बाकी है।
शुरुआती आयतें
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يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِىُّ ٱتَّقِ ٱللَّهَ وَلَا تُطِعِ ٱلْكَٰفِرِينَ وَٱلْمُنَٰفِقِينَ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ عَلِيمًا حَكِيمًۭا
1. ऐ नबी खुदा ही से डरते रहो और काफिरों और मुनाफिक़ों की बात न मानो इसमें शक नहीं कि खुदा बड़ा वाक़िफकार हकीम है।
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وَٱتَّبِعْ مَا يُوحَىٰٓ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرًۭا
2. और तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे पास जो ''वही'' की जाती है (बस) उसी की पैरवी करो तुम लोग जो कुछ कर रहे हो खुदा उससे यक़ीनी अच्छा तरह आगाह है।
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وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱللَّهِ ۚ وَكَفَىٰ بِٱللَّهِ وَكِيلًۭا
3. और खुदा ही पर भरोसा रखो और खुदा ही कारसाजी के लिए काफी है